पहली बार सुप्रीम कोर्ट और सरकार आमने सामने–केन्द्र सरकार द्वारा उठाया कदम सराहनीय व साहसिक : के के

नई दिल्ली। आज़ाद भारत कांग्रेस के मुख्यालय से जारी एक बयान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के के शर्मा पूर्व जिला जज ने कहा है कि कोल्जियम की दो सिफारिशों पर रोक लगाकर केन्द्र सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाया है । इससे अयोग्य जजों की पदोन्नतियों में  सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के मनमानी करने  पर रोक लगेगी। जो जनहित और राष्ट्रहित के होने वाले फैसलों के प्रभाव के लिए शुभ संकेत है।
के के शर्मा ने कहा कि पूर्व की सरकारें अपने किन्ही स्वार्थो के चलते सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों को गुपचुप मान लेती थी।इससे सरकार का सुप्रीम कोर्ट पर कोई नियंत्रण दिखाई नही देता था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति की सिफारिश कोल्जियम में हाईकोर्ट के जस्टिस के एम जोसफलता को सुप्रीम कोर्ट और जस्टिस सूर्यकांत को हिमाचल हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस की पदोन्नतियों की सिफारिश कोल्जियम पर रोक लगाकर यह कहते हुए कि इन दोनों की सिफारिश में उच्चतम न्यायालय द्वारा लिए गए फैसलों में मानकों का ध्यान नहीं रखा गया और वरिष्ठतम क्रम की भी अनदेखी की गई।
के के शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद भारत कांग्रेस ने कहा कि पदोन्नति संबंधित कोल्जियम मामले में केचन्द्र सरकार द्वारा लिया गया निर्णय सराहनीय व साहसिक कदम है। इससे दशकों से चली आ रही गलत परम्परा पर रोक लगेगी और भविष्य में सुप्रीम कोर्ट भी ऐसी मनमानी नहीं करेगा।

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