काठमांडू प्लेन क्रैश: यह छोटी-सी गलती नहीं होती तो बच जातीं 50 से ज्यादा जानें

काठमांडू:

 US-बांग्ला एयरलाइंस का एक विमान सोमवार को नेपाल की राजधानी कांठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (TIA) पर उतरने के बाद रनवे से फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें आग लग गई। सोमवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:20 पर हुए इस हादसे में 50 से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबर है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा ATC और पायलट के बीच हुई गलतफहमी के कारण हुआ। ATC और पायलट के बीच हुई बातचीत के आखिरी ऑडियो के मुताबिक, पायलट और ATC के बीच रनवे के नंबर को लेकर कंफ्यूजन था।

ATC और पायलट के बीच हुई बातचीत के आखिरी ऑडियो में दोनों के बीच रन-वे नंबर 02 और 20 को लेकर गलतफहमी की बात सामने आ रही है। कथित तौर पर इस कंफ्यूजन की वजह से 50 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। इससे पहले TIA प्रवक्ता प्रेमनाथ ठाकुर ने बताया कि विमान उतरते समय रनवे पर लड़खड़ा गया और इसमें आग लग गई। इसके बाद यह एयरपोर्ट के पास एक फुटबॉल मैदान में जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में 67 यात्री और चालक दल के 4 सदस्य सवार थे। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, गृह मंत्री राम बहादुर थापा और रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल स्थिति का जायजा लेने के लिए हवाई अड्डा पहुंचे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बम्बार्डियर डैश8 क्यू400, यूबीजी211 विमान में33 नेपाली नागरिक सवार थे। नेपाली नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के महानिदेशक संजीव गौतम ने कहा कि प्लेन को रनवे के दक्षिण की ओर उतरने की अनुमति दी गई थी लेकिन यह उत्तर की ओर उतरा।’ उन्होंने बताया कि रनवे पर उतरने के प्रयास में विमान ने संतुलन खो दिया। अधिकारियों ने हालांकि बताया कि दुर्घटना का कारण तकनीकी गड़बड़ी भी हो सकता है। नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल गोकुल भंडारी ने बताया कि हादसे में 50 लोगों की मौत हो गई। काठमांडू के अस्पताल में भर्ती कराये गये24 से अधिक लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।

 

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