रेलवे में खुली 90000 भर्तियां,आवेदन की अंतिम तिथि 31मार्च

नयी दिल्ली

रेलवे भर्ती परीक्षा 2018: 90 हजार पदों के लिए निकाली गई भर्तियों के ऐलान से लेकर अब तक नियमों में कई बदलाव हो चुके हैं। परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का इन नियमों को जानना बेहद जरूरी है। इन बदलावों के जरिए रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने लाखों युवाओं को राहत दी है। इन ऐलानों के बाद आवेदकों की संख्या भी कई गुना बढ़ गई है। जानें इन 7 बड़े बदलावों के बारे में-

आई टी आई जरूरी नहीं
अब भर्ती परीक्षा सिर्फ 10वीं पास भी आवेदन कर सकते हैं। आईटीआई सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं। नए नियम के अनुसार भर्ती परीक्षा में 10वीं पास छात्र या आईटीआई या नेशनल अप्रेंटिंस सर्टिफिकेट वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं। 22 फरवरी को सरकार ने आईटीआई की अनिवार्यता को खत्म कर दिया। यानी अब केवल 10वीं पास भी ग्रुप डी की भर्तियों के लिए आवेदन कर सकता है।

 आयु सीमा में राहत
रेलवे ग्रुप डी के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 2 साल बढ़ाकर 28 से 30 वर्ष कर दिया है। लोको पायलट एवं तकनीशियनों के अब अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष है। लेवल 1 पोस्ट के लिए आयु सीमा बढ़ाकर 31 से 33 कर दी गई है। इससे रेलवे भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को बड़ी राहत मिली है। आयु की गणना 1 जुलाई 2018 से होगी।

बढ़ाया गया परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा

रेल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए एग्जामिनेशन फीस नहीं बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि अगर उम्मीदवार रेलवे भर्ती परीक्षा देता है तो यह बढ़ी हुई फीस उसे बाद में वापस कर दी जाएगी।  दरअसल इस बार जो 90,000 भर्तियां निकाली गई हैं उसमें आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये और अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये एग्जामिनेशन फीस रखी गई है। जबकि इससे पहले जो भर्तियां निकाली गई थीं, उनमें अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 100 रुपये फीस रखी गई थी जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को फीस से छूट थी। उन्हें परीक्षा के लिए कोई फीस नहीं देनी होती थी। ऐसे में रेलवे भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं में काफी असंतोष था। इस पर पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है कि परीक्षा के लिए गंभीर उम्मीदवार ही आवेदन करें। बहुत बार कम शुल्क की वजह से लोग आवेदन कर देते हैं लेकिन परीक्षा नहीं देते। ऐसे में सरकार को नुकसान होता है। भर्ती परीक्षा आयोजित करने में सरकार का काफी पैसा खर्च होता है। अगर उम्मीदवार परीक्षा देता है तो बढ़ी हुई फीस वापस कर दी जाएगी। रेल मंत्री की इस घोषणा के बाद स्पष्ट है कि अगर उम्मीदवार परीक्षा देता है तो आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को उनकी पूरी फीस यानी 250 रुपये वापस कर दी जाएगी जबकि अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को 500 रुपये के शुल्क में से 400 रुपये वापस कर दिए जाएंगे।

किसी  भी भाषा में कर सकते हैं सिग्नेचर

पीयूष गोयल ने यह भी साफ किया है कि उम्मीदवार किसी भी भाषा में सिग्नेचर कर सकते हैं। ऐसी खबरें थीं कि सिर्फ हिन्दी या अंग्रेजी में किया गया सिग्नेचर ही मान्य होगा जिस पर रेल मंत्री ने ये सफाई दी है।

चार तरह के नए लोगों को दिव्यांग श्रेणी में शामिल किया
रेलवे ने एसिड अटैक पीड़ित, कुष्ठरोग बीमारी से ग्रस्त रहे, मांसपेशी दुर्विकास व छोटे कद के युवाओं को दिव्यांग श्रेणी में आरक्षण देने का फैसला किया है। रेलवे में 90 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया में उक्त दिव्यांगों को आरक्षण प्राप्त नहीं था। पर रेलवे के नए आदेश के बाद उक्त दिव्यांगों को भी नौकरी में आरक्षण का लाभ मिलेगा।

15 भाषाओं में दी जा सकेगी परीक्षा

रेलवे भर्ती परीक्षा अंग्रेजी और हिंदी समेत 15 भाषाओं में दी जा सकेगी। उम्मीदवारों की भ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा अंग्रेजी के अलावा हिंदी असामी बंगाली गुजराती कन्नड़ कोकणी मलयालम मणिपुरी मराठी उड़िया पंजाबी तमिल तेलुगु और उर्दू भाषा को भाषा विकल्प के रुप में रखा गया है। अभ्यर्थी अपनी मर्जी के मुताबिक भाषा का चयन कर सकेगा माना जा रहा है की पहली परीक्षा है जिसमें एक साथ इतनी भाषाओं में पेपर आएंगे।

अंतिम तिथि आगे बढ़ाई गई 
अब एप्लाई करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। जबकि पहले ग्रुप डी के पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 मार्च और असिस्टेंट लोको पायलट व टेक्नीशियन के पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 5 मार्च थी।

Share this...
Share on FacebookShare on Google+Tweet about this on TwitterShare on LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *