फेसबुक साफ्टवेयर में गड़बड़ी से 1करोड़40 लाख यूजर्स की बातें हुई थी सार्वजनिक

फेसबुक ने कहा है कि पिछले महीने उसके सॉफ्टवेयर में कुछ गड़बड़ी आ गई थी, इसके चलते दुनियाभर के 1 करोड़ 40 लाख यूजर्स के निजी बातें सार्वजनिक हो गईं। हालांकि फेसबुक ने ये भी कहा कि समस्या को हल कर लिया गया है। हाल ही में फेसबुक पर डाटा लीक के आरोप लगे थे। कैम्ब्रिज एनालिटिका पर 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में इसका गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगे थे। इस पर फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने सफाई भी दी थी। उधर, सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने यूजर्स का डाटा मोबाइल कंपनियों से शेयर करने के मामले में फेसबुक से 20 जून तक जवाब मांगा है।

फेसबुक ने कहा- गड़बड़ी के चलते यूजर्स के पोस्ट पब्लिक हो गए

फेसबुक ने बयान में कहा कि सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी के चलते यूजर्स के केवल नए पोस्ट ही नहीं बल्कि फ्रेंड्स ओनली में डाले गए मैसेज सार्वजनिक गए।

फेसबुक की प्राइवेसी ऑफिसर इरिन ईगन ने कहा कि कंपनी को अपने सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की सूचना मिली है। हालांकि इसके चलते पुराने पोस्ट्स पर असर नहीं पड़ा। हम उन यूजर्स का पहचान कर रहे हैं जिनके पोस्ट सार्वजनिक हुए।

उन्होंने ये भी कहा कि सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी 18 मई से 27 मई के बीच सामने आई थी, जिसे 22 मई को ही ठीक कर दिया गया था। हमने इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद अपने सभी यूजर्स से अपने पोस्ट की एक बार फिर से जांच करने की अनुरोध भी किया है ताकि वे यह तय कर पाएं कि क्या उनके अकाउंट से इस तरह की गड़बड़ी को दूर किया जा सका है या नहीं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

प्रिंसटन यूनिवर्सिटी (अमेरिका) में कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर जोनाथन मेयर का कहना है कि यूजर्स की प्राइवेसी का सार्वजनिक हो जाना नियमों का उल्लंघन है। कंपनी ने लोगों से वादा किया था कि भविष्य में उनकी निजी बातें सार्वजनिक न हों, इसका ध्यान रखा जाएगा। लेकिन ऐसा बहुत दिन तक कायम नहीं रह पाया।

बता दें कि फेसबुक के 2.2 बिलियन यूजर्स हैं

क्या है फेसबुक डाटालीक?

कैम्ब्रिज एनालिटिका पर 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में इसका गलत इस्तेमाल करने का आरोप है।

गार्डियन और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक को इसकी जानकारी थी,लेकिन उसने यूजर्स को अलर्ट नहीं किया। फेसबुक ने एनालिटिका को अपने प्लेटफार्म से सस्पेंड कर दिया था और ये भरोसा भी दिलाया था कि फर्म ने डेटा डिलीट कर दिया है। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं।

क्या है एनालिटिका का भारत कनेक्शन?

भाजपा ने आरोप लगाया था कि 2019 का चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस एनालिटिका की सेवाएं ले रही है। भाजपा ने ये भी आशंका जताई कि राहुल के ट्विटर पर फालोअर्स बढ़ने के पीछे भी कहीं एनालिटिका का ही हाथ तो नहीं। ये भी सवाल उठाया कि कांग्रेस अध्यक्ष की फेसबुक प्रोफाइलिंग का एनालिटिका से क्या लेना-देना है।

कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया था। उसने उल्टा भाजपा पर ही 2014 के चुनाव में एनालिटिका की सेवाएं लेने का आरोप लगाया। यह भी आरोप लगाया कि एनालिटिका की भारतीय साझेदार ओवलेन बिजनेस इंटेलिजेंस कंपनी भाजपा के सहयोगी जदयू सांसद केसी त्यागी का बेटा चलाता है।

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