संगठनों के साथ जुड़कर जनहित मे संघर्षरत होकर हर गरीब व जरूरत मंदो को हक दिला रहे है बालियान

देश की सालों से बीमार व्यवस्था मे हो परिवर्तन : सोकेन्द्र बालियान

विरेन्द्र चौधरी

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नई दिल्ली :NGO का उद्देश्य समाज का कल्याण करना व जरुरत मंद लोगों की सहायता करना है। देश मे शिक्षा, स्वास्थ्य ,गरीब-मजदूर-किसानो आदि के शोषण, युवा बेरोजगारी, जनसंख्या वृद्धि, नैतिकता-संस्कृति मे आ रही कमी , खराब कानून-न्याय व्यवस्था ,खराब दशा व दिशा, महंगाई ,भष्टाचार और धर्म- जाति भेदभाव जैसी कई बिमारियां है और सालों से यह बीमार व्यवस्था यू ही चलती आ रही है। उपरोक्त बाते समाज सेवी सोकेन्द्र बालियान ने कही और बताया कि देश की सालों से बीमार इस व्यवस्था मे परिवर्तन जरूरी है ताकि 130 करोड़ भारतीय लोगो के जीवन को हर तरह खुशहाल बनाया जा सके। बालियान ने बताया कि वे पिछले लगभग 10 सालो से जनहित मे संघर्षरत है और साथ मिलकर देशहित के लिए गली – सड़को से लेकर अधिकारी – सरकार से लेकर हाई कोर्ट -सुप्रीम कोर्ट तक हर जायज माध्यम से जन कल्याण की आवाज़ उठाते है । इन संगठनों के साथ जुड़कर जनहित मे संघर्षरत होकर हर गरीब व जरूरत मंदो को हक दिला रहे है बालियान । सोकेन्द्र बालियान 2 जमा 5 मुद्दे जन आंदोलन,एंटी करप्शन फाउंडेशन,आपकी अपनी समिति,राष्ट्रीय जाट संरक्षण समिति,दवा प्रतिनिधि संघ,बचपन बचाओ समिति,बजरंग दल अखाडा ,सेव इंडियन फैमिली,बाँडी बिल्डिंग स्पोर्ट्स एशोसिएशन, मानवाधिकार वेलफेयर एसोसिएशन सहित अन्य कई सक्रिय संगठनों के साथ जुडकर सक्रिय रूप से अग्रणी भूमिका निभा रहे है।

सरकार से लड़कर गरीब बच्चों को फ्री शिक्षा का हक दिला रहे हैं बालियान
संगठनों मे बालियान के जन- कल्याण कार्य

फ्री मैडिकल एवं फ्री लीगल सहायता के साथ-साथ सोकेन्द्र बालियान मुख्य तौर पर दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के दिल्ली, हरियाणा एवं उत्तराखंड राज्य के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी के पद पर व हरियाणा के जिला पानीपत के जिला प्रभारी एवं मीडिया प्रभारी के पद पर नियुक्त है । बालियान आंदोलन के साथ जुडकर मुख्य तौर पर शुरुआत मे गरीब बच्चों को फ्री एवं एक समान शिक्षा दिलवाने के लिए गली सड़कों से लेकर सरकार एवं हाई कोर्ट तक लडे और जनहित याचिका डाल गरीब बच्चों को फ्री शिक्षा दिलवाने मे सफल रहे, जिसमें जनहित याचिका पर माननीय चंडीगढ़ हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए कहा कि जिस मां-बाप की सालाना आय दो लाख रुपए या उससे कम है उन सभी के बच्चे हरियाणा के प्राइवेट स्कूल में सरकारी स्कूल की दर पर फ्री शिक्षा पाने के अधिकारी है। यही ऐतिहासिक फैसले को लेकर जन मुद्दे आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट सत्यवीर सिंह हुड्डा एवं हरियाणा जोन प्रभारी दलबीर सिंह भोसले सहित अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने न सिर्फ शिक्षा का प्रचार एवं प्रसार किया अपितु उन्होंने हरियाणा प्रदेश में हरियाणा एजुकेशन नियम 134 ए के तहत लगभग 2 लाख से ज्यादा गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूल में फ्री शिक्षा दिलवाने का कार्य किया ।
इस दौरान पिछले 10 सालों में वे जन कल्याण कार्य करते हुए कई बार गिरफ्तार हुए व जेल भी गए। इसी दौरान वकालत की पढाई की और कानूनी दाव-पेच सीख अपने ऊपर डाले गए सभी झूठे मुकदमे जीते, जिसको उन्होंने सत्यमेव जयते का नारा लगाते हुए सच्चाई की जीत बताया। जन मुद्दे आंदोलन में उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, युवा बेरोजगारी, किसानों के हो रहे शोषण, भारतीय संस्कृति आदि पर भी आवाज उठाई और कई आंदोलन किये।
इसके साथ- साथ बालियान एंटी करप्शन फाउंडेशन के साथ मिलकर देश में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने का कार्य भी कर रहे है। उनका कहना है कि देश में हर सरकारी व गैर सरकारी महकमें मे भ्रष्टाचार फैला हुआ है, जिसको खत्म करने के लिए हम सभी को एकजुट होकर इसके लिए कार्यरत होना पड़ेगा और खुद से ही इसकी शुरुआत करनी होगी।बालियान एक अध्यापक की भूमिका भी निभाते है और गरीब बच्चों के साथ-साथ लाँ व फार्मेसी छात्रों को भी मुफ्त शिक्षा देते है ।वे युवाओं को नौकरी की फ्री ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार भी दिलवाते है ,अब तक लगभग 550 युवाओ को रोजगार दिलवा चुके है और युवाओं को सही दिशा दिखाते है ।
सोकेन्द्र बालियान दवा प्रतिनिधि संघ के जिला महासचिव भी रह चुके हैं, जिसमें उन्होंने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव- मजदूरों की आवाज उठाई और उनके हक के लिए लड़ाई लड़ी। एवं गरीब परिवारो को फ्री दवाइयां भी मुहैया कराते हैं।
इसके अलावा बालियान मानवाधिकार वेलफेयर एसोसिएशन के सिटी प्रेसिडेंट भी हैं, जिसमें वे मानव अधिकारो की लड़ाई लड उनका हक दिलाते हैं।
इसके अलावा बालियान बचपन बचाओ समिति एनजीओ के साथ मिलकर गरीब बच्चों का बचपन संवारने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते है।
इसके अलावा बालियान सेव इंडियन फैमिली NGO के मेंस राइट्स एक्टिविस्ट भी है जिसमें वे दहेज, मारपीट, बलात्कार, मेंटेनेंस आदि झूठे केसों में फँसे ऐसे परिवारों की फ्री सामाजिक एवं कानूनी सहायता करते हैं । इसमें उन्होंने लगभग सैकड़ों परिवारों को टूटने से बचाया है और ऐसे पीड़ित महिला व पुरुष परिवारों की मदद करते हैं। कानूनी पेंच के साथ साथ कुश्ती के दांव पेंच भी सिखाते हैं सोकेंद्र बालियान। बालियान बजरंग दल अखाड़ा में कुश्ती एवं आर्म रैसलिंग के प्रधान एवं कोच के रूप में भी भूमिका अदा करते हैं। वे कानूनी पेंच के साथ साथ कुश्ती के दांव पेंच भी सिखाते हैं । बालियान पहले कुश्ती के भी पहलवान रह चुके हैं एवं सभी खेलों में कोऑर्डिनेटर के रूप में उनकी भूमिका रहती है। वह समय निकालकर आज भी पहलवानों को कुश्ती कोचिंग देते हैं एवं उनकी खेलों में आज भी बहुत रुचि है।
इसके अलावा बालियान बॉडीबिल्डिंग स्पोर्ट्स एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी नियुक्त है जिसमें वे युवाओं को खेलो के लिए प्रोत्साहन देते हैं एवं युवाओं को सही दशा दिशा देते हुए उनको नशे जैसी आदतों में पडने से बचाते हैं।

बालियान की मुजफ्फरनगर जन्मभूमि तो पानीपत रही कर्मभूमि–बाबा टिकैत, ताऊ देवीलाल एवं चौधरी चरण सिंह की जीवन शैली से हुए ज्यादा प्रभावित–कई भ्रष्ट अधिकारियों को भी करवा चुके है सस्पेंड–विशेषकर हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बनाई अपनी साख

सोकेन्द्र बालियान का जन्म 1988 में उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर में कस्बा सिसौली (किसानों की राजधानी व बाबा टिकैत की जन्म भूमि) के बिल्कुल नजदीक एक छोटे से गांव गढ़ी नौआबाद में हुआ, गांव के मुखिया परिवार में जन्मे बालियान ने अपनी पहली कक्षा से आठवीं कक्षा की शिक्षा गढ़ी नौआबाद गांव के मंदिर, चौपाल स्कूल व मोहम्मदपुर रायसिंंह गांव के हेली व कंवर सैन त्रिलोक चंद स्कूूल से ग्रहण की। बचपन से ही वे कुश्ती के खिलाड़ी रहे और वे ज्यादातर बड़े बुजुर्गों में ही बैठा करते और उनसे देश दुनिया की बातें सीखते । उन्होने बताया कि वेे बाबा टिकैत की जीवन शैली से ज्यादा प्रभावित हुए है। जहां बालियान की जन्मभूमि मुजफ्फरनगर हैं तो पानीपत उनकी कर्मभूमि रही । लगभग सन 2000 में वे हरियाणा के पानीपत जिले में शिफ्ट हो गए और वहीं पर उन्होंने 9वीं से 12वीं क्लास तक बी.आर पब्लिक स्कूल एवं आई.बी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की। क्लास व पेपर के बाद जब भी स्कूलों की छुट्टी होती तो वे फैक्ट्री में मजदूरी करने जाया करते। उनका मानना है कि कभी भी खाली नहीं बैठना चाहिए, क्योंकि खाली दिमाग शैतान का घर होता है। वह कुछ ना कुछ किसी ना किसी काम में लगे रहते। जॉब से आने के बाद रात भर अपना पढ़ाई का काम पूरा करते । वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपनी क्लास के बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाते रहे। इंटर करने के बाद उन्होंने सोनीपत के हिंदू कॉलेज आँफ फार्मेसी से फार्मेसी का कोर्स किया व रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट बन गरीब- मजदूर व असहाय लोगों को फ्री में दवाइयां देते व उनका इलाज करवाते रहे। फिर ग्रेजुएशन में बी ए ,बीएससी की व चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ से एलएलबी( वकालत) की पढाई की,उन्होंने बी.ए.जेएमसी (पत्रकारिता) व हेल्थ सैनिटरी इंस्पेक्टर आदि की भी पढाई की। वे स्कूल व कॉलेज के समय अपनी क्लास के मॉनिटर एवं छात्र नेता भी रहे। इसी दौरान उनकी समाज सेवा लगातार जारी रही। बालियान भारत देश में घूम- घूम कर लोगों को जागरूक करते हैं । उन्होंने विशेषकर हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अपनी साख बनाई । कई बार पानीपत के साथ-साथ हरियाणा के अन्य जिलों, चंडीगढ़ ,दिल्ली,व उत्तर प्रदेश में बडे धरने- प्रदर्शन आंदोलन किए व कामयाब भी हुए । इस दौरान बालियान कई भ्रष्ट अधिकारियों को भी सस्पेंड करवा चुके हैं व सरकार से भी सीधी टक्कर ली। बालियान मान -सम्मान, प्रतिष्ठा, मर्यादा व सादगी के साथ अपनी जिंदगी जीते हैं। वे कहते हैं कि अधिकार मांगने से नहीं मिलता, छिनना पड़ता है। उनका मानना है कि किसान- मजदूर- गरीब ही देश के असली मालिक है। किसान- मजदूर -गरीब कभी बदला नहीं लेते वे सब सह जाते है । वे तो जीने का अधिकार भर चाहते है और किसान तो कभी दुश्मन का भी खाना- पानी बंद नहीं करते । इसलिए सामाजिक संगठनों, राज्य और केंद्र की सरकार एवं जनता को मिलकर सभी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए और.देश हित के लिए भूमिका निभानी चाहिए।
शिक्षा, समाज सेवा,वकालत, फार्मेसी और पत्रकारिता का दशक भर का अनुभव व उनका गांव गांव पहुंच और जन कल्याण से जुड़े मुद्दे पर देश भर में सक्रिय भूमिका, युवा सोच और खेलों में प्रोफेशनल रुचि यही सोकेंद्र बालियान का अपना परिचय है जो आज सामाजिक उत्थान के लिए जन जागरण का मिशन सादगी और सशक्ता के साथ निभा रहे हैं। उनका हेल्प लाइन नंबर 9812852243 है जिस पर देश के किसी भी कोने से गरीब- मजदूर- किसान व जरूरतमंद व्यक्ति किसी भी समय फोन कर सहायता प्राप्त कर सकता है एवं संगठन के साथ जुड़कर देश सेवा भी कर सकता है।
बालियान का कहना है कि वे समाज हित के लिए दिन रात संघर्षरत रहते है और आजीवन देशहित कार्य करते रहेंगे।बालियान का कहना है कि देश हित के लिए अगर जान भी देनी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे ।

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