निर्मला ने मंच पर खुलवाये घुंघट,महिलाओं के चेहरे खिले

पर्दा प्रथा बंद करने के ऐलान से खिले महिलाओं के चेहरे,गांव से आई सभी महिलाओं का मंच पर घुंघट खुलवाये, महिलाओं ने निर्मला को गांव आने का दिया न्यौता 

झांसी की रानी महिला सशक्तिकरण का आगाज़ थी निर्मला दहिया, डा०इंदिरा मिश्रा,एड.राजेश शौकीन नारी सशक्तिकरण की प्रहरी-विरेन्द्र चौधरी

विरेन्द्र चौधरी

सिरसा। सिरसा के गांव खुईयां नेपाल के एसडीएम पब्लिक स्कूल का मंच,मौका था 26 जनवरी राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस। मुख्य अतिथि थे एज्युकेशनल फोरम फाॅर वुमेन जस्टिस एंड सोशल वैलफेयर की राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ इंदिरा मिश्रा, रिटायर्ड कर्नल मेहर सिंह दहिया, सर्व जातीय महिला खाप पंचायत हरियाणा, व सूर्यकांत वैलफेयर सोसाइटी की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती निर्मला दहिया व आज़ाद भारत कांग्रेस के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष विरेन्द्र चौधरी। कार्यक्रम की संयोजिका थी एसडीएम पब्लिक स्कूल की चेयरमैन डा०राजेश शौकीन एडवोकेट।कार्यक्रम का संचालन किया शिक्षक आत्माराम व रमेश ने।कार्यक्रम का आकर्षण था महिला सशक्तिकरण को लेकर नारी सभा। नारी सभा का आयोजन पूरी तरह सफल रहा। इस अवसर पर पर्दाप्रथा के विरोध,महिला समूह और महिला अधिकार और सशक्तिकरण के लिये ग्रामीण महिलाओं ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।पर्दा प्रथा के लिये उठे हाथों को देखकर मौजूदा पुरूषो में सन्नाटा सा छा गया।
समाचार के अनुसार गणतंत्र दिवस के अवसर पर समाजसेविका व महिला खाप की अध्यक्षा निर्मला दहिया ने कहा कि आज़ादी के इस राष्ट्रीय पर्व पर मैं पर्दा प्रथा का विरोध करते हुए इस पर्दा प्रथा से आज़ादी का आगाज़ करती हुं और महिलाओं से अनुरोध करती हुं वे महिला समूह बनाये और सरकारी स्कीमों का लाभ लेकर आर्थिक रूप से सशक्त बनें।साथ ही कहा कि वे इसके लिए अपने परिवार को भी विश्वास में लें। दहिया ने मजाकिया लहजे में कहा ऐसा ना करना ” कदि कहन लागो मैं तो ये काम करूंगी तू के कर लेगा” उन्होंने कहा मैं परिवारों की मजबूती चाहती हुं।महिला को सशक्तिकरण के लिये पहले परिवार को विश्वास में लेना आवश्यक हैं।
निर्मला दहिया ने कहा कि पर्दा प्रथा उस समय शुरू हुई थी जब विदेशी आक्रांताओं का दौर था,लोग इज्जत के डर से महिलाओं को पर्दे में रखनें को मजबूर थे।आज का दौर विकास का दौर है, ऐसे में सडी-गली परम्पराओं को तोड़कर हमें प्रगतिशील बनना होगा। उन्होंने महिलाओं को हरियाणा सरकार की महिला सशक्तिकरण की योजना की जानकारी देते हुए बताया कि महिला 11-11महिलाओं का समूह बनाकर घरों में ही लघु उद्योग पर काम करें ।इसके लिए सरकार पांच लाख का ऋण स्वीकृत कर रही है। इस स्कीम में सरकार द्वारा एक लाख की सब्सिडी दी जा रही है।ईमानदारी से ऋण चुकता करने पर बैंको द्वारा दुगुनी राशि ऋण स्वीकृति की योजना है।
अंत में उन्होंने कहा कि मैं महिलाओं के पर्दा प्रथा का विरोध करते हुए आर्थिक स्वालंबन,समृद्धि व सशक्तिकरण की पक्षधर हुं।और पर्दा प्रथा को तोड़ने का आगाज़ गणतंत्र दिवस पर शिक्षा के मंदिर सिरसा की धरती पर कर रही हुं।जो महिला पर्दा प्रथा का विरोध करने का साहस रखती हों वो हाथ खड़े करके संकल्प लें।इतना कहते ही दर्जनों महिलाओं ने मंच पर आकर निर्मला दहिया को सर्मथन दिया। निर्मला दहिया ने अपील की कि वे इसके लिए अपने परिवार को भी विश्वास में लें।
मुख्य अतिथि कर्नल मेहर सिंह दहिया ने कहा कि आज विश्व में विकास का दौर है,ऐसे में महिलाओं को भी पुरानी अप्रासंगिक परम्पराओं को तोड़कर प्रगतिशील होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को राष्ट्र भक्ति का पाठ पढाया।
इस अवसर पर आज़ाद भारत कांग्रेस के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष विरेन्द्र चौधरी ने कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई नारी सशक्तिकरण का आगाज़ थी। आज निर्मला दहिया, डा०इंदिरा मिश्रा, एडवोकेट राजेश शौकीन नारी सशक्तिकरण की प्रहरी है।नारी सभा में आई महिलाएं इनके नेतृत्व में संगठित होकर सशक्तिकरण की लड़ाई लड़े।

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